क्या मंत्री, स्वास्थ्य विभाग, यह बतलाने की कृपा करेंगे कि क्या यह बात सही है कि पटना जिलान्तर्गत बख्तियारपुर में ट्रॉमा सेन्टर नहीं रहने के कारण दुर्घटना में घायल मरीजों को ईलाज के लिए पटना जाना पड़ता है जिसमें अधिकतर मामले में मरीज रास्ते में ही दम तोड़ देते है, यदि हाँ तो सरकार कबतक बख्तियारपुर में ट्रॉमा सेन्टर खोलने का विचार रखती है, नहीं तो क्यों ?