क्या मंत्री,पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग,यह बतलाने की कृपा करेंगे कि क्या यह बात सही है कि जिला-पूर्वी चम्पारण अन्तर्गत प्रखण्ड-सुगौली के बीचो-बीच होकर बुढ़ी गंडक नदी प्रवाहित होती है जिसमें मिलनेवाली छोटी नदियाँ रामरेखा नदी, हड़बोड़ा नदी एवं कोहड़ा नदी प्रमुख है क्रमशः रामनगर चीनी मिल, नरकटियागंज चीनी मिल एवं मझौलिया चीनी मिलों द्वारा बड़े पैमाने पर इन नदियों में अवशिष्ट (प्रदूषित) गंदे एवं जहरीले पानी प्रवाहित करती रहती हैं जिसके परिणाम स्वरूप जल में फैल रहे प्रदूषण से मछलियाॅ मर रही है, पशु बीमार हो रहे है, हजारो एकड़ खेतों की सिंचाई नही हो पा रही है तथा प्रदूषित पानी से नदी किनारे बसे आमलोगों के स्वास्थ्य पर भी खराब प्रभाव पड़ रहा है, यदि हाँ तो सरकार कबतक उक्त वर्णित स्थिति को ध्यान में रखते हुए बुढ़ी गंडक नदी के जल को प्रदूषण मुक्त कराने का विचार रखती है, नहीं, तो क्यों?