स्थानीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र में दिनांक-21.06.2024 को प्रकाशित शीर्षक "आधे पशुपालकों का नहीं बन पाया किसान क्रेडिट कार्ड" को ध्यान में रखते हुए क्या मंत्री, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग यह बतलाने की कृपा करेंगे कि-1. क्या यह बात सही है कि राज्य के पशुपालकों को एक दुधारू पशु पर 20 हजार रुपये, दो पर 40 हजार, चार दुधारू पशु पर एक लाख पाँच हजार रुपये, छह पर 1.50 लाख रुपये तक की कार्यशील पूँजी वाले केसीसी देने का प्रावधान हैं;2. क्या यह बात सही है कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में मधुबनी जिले में 11.18 प्रतिशत, रोहतास में 14.69 प्रतिशत, मुंगेर में 16.18 प्रतिशत, सारण में 17.97 प्रतिशत, जमुई में 18.53 प्रतिशत, खगड़िया में 19.42 प्रतिशत एवं अन्य जिलों में 36 प्रतिशत से भी कम पशुपालकों को केसीसी का लाभ मिला है जो प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर किसान योजना के अन्तर्गत पशुपालकों को केसीसी का लाभ दिलाने की योजना लक्ष्य से काफी दूर हैं:3. यदि उपर्युक्त खण्डों के उत्तर स्वीकारात्मक है तो सरकार कबतक पशुपालकों को केसीसी का लाभ दिलाने का विचार रखती हैं, हाँ, तो कबतक, नहीं तो क्यों ?