क्या मंत्री, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग यह बतलाने की कृपा करेंगे कि क्या यह बात सही है कि वैशाली जिला में आयोजित होने वाले वैशाली महोत्सव, महनार महोत्सव, महुआ महोत्सव के साथ-साथ बिहार के अन्य जिलों में मनाये जाने वाले अन्य महोत्सवों में कार्यक्रम प्रस्तुति के लिये गायन एवं लोक कलाकारों को बाहर से बुलाये जाने के कारण स्थानीय लोक कलाकारों की उपेक्षा होती है; यदि हाँ तो क्या सरकार उक्त महोत्सवों में बाहरी कलाकारों की बजाय स्थानीय लोक कलाकारों को बढ़ावा देने हेतु कोई सकारात्मक पहल प्रारंभ करने का विचार रखती है, नहीं तो क्यों?