Urban Development notificationsबिहार राजपत्र अधिसूचनाएँ
All 1,206 notifications published in the Bihar Gazette by the Urban Development, Government of Bihar, since 2015. Browse by year, read the summaries and download the official PDFs.
जल संसाधन विभाग के द्वारा संविदा के आधार पर नियोजित एवं नगर विकास एवं आवास विभाग को सेवा उपलब्ध कराये गये कनीय अभियंताओं में से सम्प्रति कार्यरत कनीय अभियंताओं के कार्यकलाप पर कोई प्रतिकूल टिप्पणी नहीं होने कं अंकित तिथिे फलस्वरूप उनकी सेवा अवधि संलग्न सूची मे के अनुसार 1 (एक) वर्ष के लिए प्रतिमाह रू0 27000 मानदेय पर विस्तारित किये जाने की स्वीकृति के संबंध में।
जल संसाधन विभाग के पत्रांक 7286 दिनांक 08.12.2011 द्वारा संविदा के आधार पर नियोजन हेतु सेवा प्राप्त 78 (अठहत्तर) कनीय अभियंताओं (असैनिक) को विभागीय आदेश ज्ञापांक 268 दिनांक 26.12.2011 द्वारा एवं जल संसाधन विभाग के पत्रांक-5268 दिनांक 01.08.12 द्वारा 28 (अठाईस) कनीय अभियंता (असैनिक) को विभागीय आदेश सं0-154-सह-पठित ज्ञापांक-3349 दिनांक 21.09.12 से विभिन्न जिला शहरी विकास अभिकरणों एवं नगर निकायों में संविदा के आधार पर पदस्थापित किया गया था। उनकी सेवा अवधि क्रमशः दिनांक 25.12.2013 एवं दिनांक 20.09.13 को समाप्त हो गयी। पुनः विभागीय आदेश सं0 1434 दिनांक 19.06.2013 द्वारा सभी कार्यरत कनीय अभियंताओं की नियोजन अवधि का विस्तार दिनांक 26.12.2012 से दिनांक 25.12.2013 तक (एक वर्ष के लिए) किया गया जिसकी अ
बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 की ध्ाारा-35 एवं बिहार नगरपालिका निर्वाचन नियमावली, 2007 के नियम-87 के द्वारा प्रदत्त शक्ति का प्रयोग करते हुये नगर परिषद, अरवल के निर्वाचित वार्ड पार्षदों के नाम यथा संलग्न अनुसूची-1 में एतद्द्वारा सर्वसाधारण की सूचना के लिये प्रकाशित किया जाता है।
पर्यावरण एवं वन मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली के द्वारा भारत के के नियम 11 में अंकित प्रावधानों के अधीन प्रधान सचिव, नगर विकास एवं आवास विभाग की अध्यक्षता में एक राज्य स्तरीय सलाहकार समिति का गठन निम्नवत् किया जाता है ः-
बिहार शहरी आयोजना तथा विकास अधिनियम, 2012 की धारा-9 सह-पिठत बिहार शहरी आयोजना तथा विकास नियमावली, 2014 के नियम-9 के द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार सरकार, एतद्द्वारा बिहार शहरी आयोजना तथा विकास बोर्ड के परामर्श से, नालन्दा जिला में राजगीर क्षेत्र के राजगीर नगर पंचायत, राजगीर प्रखण्ड, सिलाव नगर पंचायत, सिलाव प्रखण्ड, गिरियक प्रखण्ड एवं कतरीसराय प्रखण्ड के महत्वपूर्ण ऐतिहासिक, पर्यटन, धार्मिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक एवं पुरातात्विक विरासतों के क्षेत्रों को समेकित एवं सुव्यवस्थित रूप से विकसित करने के उद्देश्य से, विकास योजना तैयार करने हेतु निम्नलिखित आयोजना क्षेत्र घोषित करती है, जिसे राजगीर आयोजना क्षेत्र कहा जायेगा।
श्विषयः- अटल नवीकरण और ाहरी परिवर्तन मिशन (AMRUT) योजना के अंतगहाजीपुर, बक्सर, आरा, र्त जहानाबाद, छपरा, बगहा निकायों के ज, मोतिहारी, सिवान एवं औरंगाबाद नगर लापूर्ति योजना फेज-I हेतु कुल 35650.02 लाख रू0 (तीन अरब छप्पन करोड़ पचास लाख दो हजार रू0) मात्र अनुमानित लागत व्यय एवं योजना की प्रशासनिक स्वीकृति।
ADB (ऐशियन डेवलपमेंट बैंक) सम्पोषित गया जलापूर्ति योजना प्रोजेक्ट-1 अनुमानित लागत कुल-$50 मिलियन यू0एस0 डॉलर (लगभग 311.30 करोड़ रू0) एवं गया जलापूर्ति योजना प्रोजेक्ट-2 अनुमानित लागत $10.47 मिलियन यू0एस0 डॉलर (लगभग 64.91 करोड़ रू0) कुल 376.21 करोड़ रू0 की योजना के कार्यान्वयन एवं उस पर संभावित व्यय की प्रशासनिक स्वीकृति।
बिहार के शहरों के विकास के सैद्धान्तिक निर्णय के तहत आधारभूत सरंचनाओं की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु भारत सरकार द्वारा ADB से 200 मिलियन यू0एस0 डॉलर की वित्तीय सहायता प्राप्त की गई है। दिनांक 30 एवं 31 जनवरी, 2012 को ADB, कार्यालय नई दिल्ली में सम्पन्न त्रिपक्षीय बैठक में वित्तीय सहायता प्राप्त करने का निर्णय लिया गया है। उक्त बैठक में राज्य के चार शहरों यथा भागलपुर, गया, मुजफ्फरपुर एवं दरभंगा में आधारभूत संरचना के विकास हेतु वित्तीय सहायता 200 मिलियन अमरीकी डॉलर प्राप्त करने एवं राज्य सरकार की ओर से 86 मिलियन डॉलर की सहायता उपलब्ध कराने पर सहमति हुई।
बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 की धारा-35 एवं बिहार नगरपालिका निर्वाचन नियमावली, 2007 के नियम-87 के द्वारा प्रदत्त शक्ति का प्रयोग करते हुये नगर निगम, बेगूसराय एवं नगर पंचायत, बलिया (बेगूसराय) के निर्वाचित वार्ड पार्षदों के नाम यथ्ाा संलग्न अनुसूची-1 एवं अनुसूची-2 में एतद्द्वारा सर्वसाधारण की सूचना के लिये प्रकाशित किया जाता है।
नगर परिषद, अरवल का कार्यकाल दिनांक 13.05.2016 को समाप्त हो रहा है; और चूँकि वैधानिक प्रावध्ाानों के अधीन उस नगरपालिका के लिए चुनाव कराना अावश्यक हो गया है, अतः बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 (अधिनियम संख्या-11, 2007) की धारा-441 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये बिहार राज्य के राज्यपाल, राज्य निर्वाचन आयोग, बिहार, पटना की अनुशंसा पर एतद्द्वारा नगर परिषद, अरवल के पार्षदों के निवार्चन के लिये मतदान हेतु 10.04.2016 की तिथि नियत करते हैं तथा अपेक्षा करते हैं कि मतदातागण बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 के उपबंधों के अनुसार पार्षदों को निवार्चित करें।
पटना मेट्रो रेल प्रोजेक्ट का कार्यान्वयन SPV Model मे अनुमानित लागत 16960.00 करोड़ रू0 (सोलह हजार नौ सौ साठ करोड़ रू0) (सभी करों सहित) पर कराने के लिए परियोजना प्रस्ताव को केन्द्र सरकार, JICA/ADB को भेजने हेतु सैद्धांतिक प्रशासनिक स्वीकृति।
बिहार राज्य की राजधानी पटना का प्राचीन काल से ही व्यापारिक एवं ऐतिहासिक महत्व रहा है। पटना शहर प्रदेश की मुख्य गतिविधियों का केन्द्र होने के कारण इसका शहरीकरण काफी तीव्र गति से हुआ है। साथ ही बढ़ती हुई शहरी आबादी एवं बढ़ते हुये मोटर वाहनों के दबाव के कारण प्रायः शहर के चैराहों पर प्रितदिन जाम की समस्या बनी रहती है, जिसकी वजह से आम नागरिकों के आवागमन एवं तद्नुसार स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा है।
बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 (बिहार अधिनियम, 11, 2007) की धारा-4 के अधीन पूर्व प्रकाशित प्रारूप अधिसूचना संख्या-4537 दिनांक 02.09.2015 द्वारा घोषित संक्रमणशील क्षेत्र के लिए धारा-5 के अधीन प्राप्त आपत्तियों पर सम्यक् विचारोपरान्त अधि्ानियम की धारा-6 के द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार कटिहार जिलान्तर्गत निम्नलिखित अनुसूची ’क‘ में यथावर्णित चैहद्दी के अन्तर्गत नगर पंचायत गठित करती है तथा इसमें पड़ने वाले संक्रमणशील क्षेत्र में बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 के सुसंगत प्रावध्ाानों को लागू करती हैः-
बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 की धारा-35 एवं बिहार नगरपालिका निर्वाचन नियमावली, 2007 के नियम-87 के द्वारा प्रदत्त शक्ति का प्रयोग करते हुये नगर परिषद, बेनीपुर के निर्वाचित वार्ड पार्षदों के नाम यथा संलग्न अनुसूची-1 में एतद्द्वारा सर्वसाधारण की सूचना के लिये प्रकाशित किया जाता है।
बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 (समय समय पर यथा संशोधित) की धारा-75(छ) के परन्तुक द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रय ेाग करते हुए राज्य सरकार, बिहार एतद्द्वारा पूर्व अधिसूचना संख्या- 2726, दिनांक 10.09.2014 की कंडिका-3 में अंतर्दिष्ट दोनों परन्तुकों को निम्नलिखित द्वारा प्रतिस्थापित करती है ः-
बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 (समय समय पर यथा संशोधित) की धारा-75(छ) के परन्तुक द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रय ेाग करते हुए राज्य सरकार, बिहार एतद्द्वारा पूर्व अधिसूचना संख्या- 2726, दिनांक 10.09.2014 की कंडिका-3 में अंतर्दिष्ट दोनों परन्तुकों को निम्नलिखित द्वारा प्रतिस्थापित करती है ः-
नगर पंचायत, बलिया (बेगूसराय) का कायर्काल दिनांक 07.04.2016 को समाप्त हो रहा है; और चूँकि वैधानिक प्रावध्ाानों के अधीन उस नगरपालिका के लिए चुनाव कराना अावश्यक हो गया है, अतः बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 (अधिनियम संख्या-11, 2007) की धारा-441 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये बिहार राज्य के राज्यपाल, राज्य निर्वाचन आयोग, बिहार, पटना की अनुशंसा पर एतद्द्वारा नगर पंचायत, बलिया (बेगूसराय) के पार्षदों के निर्वाचन के लिये मतदान हेतु 28.02.2016 की तिथि नियत करते हैं तथा अपेक्षा करते हैं कि मतदातागण बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 के उपबंधों के अनुसार पार्षदों को निर्वाचित करें।
नगर निगम, बेगूसराय का कार्यकाल दिनांक 07.03.2016 को समाप्त हो रहा है; और चूँकि वैधानिक प्रावध्ाानों के अधीन उस नगरपालिका के लिए चुनाव कराना अावश्यक हो गया है, अतः बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 (अधिनियम संख्या-11, 2007) की धारा-441 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये बिहार राज्य के राज्यपाल, राज्य निर्वाचन आयोग, बिहार, पटना की अनुशंसा पर एतद्द्वारा नगर निगम, बेगूसराय के पार्षदों के निवार्चन के लिये मतदान हेतु 28.02.2016 की तिथि नियत करते हैं तथा अपेक्षा करते हैं कि मतदातागण बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 के उपबंधों के अनुसार पार्षदों को निवार्चित करें।
राज्य के नगर निकायों में स्वीकृत रिक्त पदों पर 4% कमीशन पर टैक्स संग्राहक ेां की व्यवस्था का प्रस्ताव के संबंध में।
राज्य के नगर निकायों में कर संग्रहण कार्य हेतु कर संग्राहकों की अत्यधिक कमी है। स्वीकृत रिक्त पदों पर नियमित नियुक्ति करने के लिए सेवा नियमावली गठित की जा रही है। साथ ही नियुक्ति की प्रक्रिया का भी निर्धारण किया जा रहा है।
नगर निकाय कर्मियों को षष्ठम वेतनमान पुनरीक्षण प्रदान करने का मामला सरकार के स्तर पर विचाराधीन था। सम्यक विचारोपरान्त विभागीय पत्रांक 4592, दिनांक 04.09.2015 द्वारा नगर निकाय कर्मियों को षष्ठम वेतनमान प्रदान करने का निर्णय लिया गया।
राज्य के नगर निकाय ेां को विभिन्न योजनाओं के कार्यान्वयन हेतु सरकारी/नगर निकाय की भूमि अनुपलब्ध रहने की स्थिति में बिहार नगरपालिका अधिनियम 2007 की धारा-99 के आलोक में बाजार दर पर रैयती भूमि क्रय की स्वीकृति के संबंध में।
राज्य योजना अन्तर्गत राज्य के विभिन्न नगर निकायों में नगर सरकार भवन/प्रशासनिक भवन, बस स्टैण्ड, सामुदायिक भवन, अतिथि भवन, विवाह भवन, टाउन हॉल, पार्क निर्माण, पाईप जलापूर्ति हेतु जलमिनार का निर्माण, सिवरेज हेतु पम्पिंग स्टेशन का निर्माण, सार्वजनिक शौचालय, रैन बसेरा, मलिन बस्तियों में आधारभूत संरचना विकास इत्यादि के निर्माण हेतु सरकार द्वारा राशि आवंटित की जा रही है ताकि शहरों का विकास हो सके तथा सामाजिक/सांस्कृतिक समारोहों को सुसज्जित भवनों में आयोजित किया जा सके। परंतु शहरों के विकास के लिए इन योजनाओं के कार्यान्वयन में भूमि की अनुपलब्धता के कारण बाधा आ रही है। कई नगर निकायों में प्रशासनिक भवन/नगर सरकार भवन के निर्माण के लिए नगर क्षेत्र में सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण निर्माण कार्य प
अटल नवीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन (AMRUT) के लिए जारी मार्गदर्शिका की कंडिका-10.3 एवं विभागीय संकल्प संख्या-3954 दिनांक 04.09.15 के आलोक में राज्य स्तरीय उच्च शक्ति प्राप्त संचालन समिति (SHPSC) द्वारा एक राज्य स्तरीय तकनीकी समिति (SLTC) का गठन करने का प्रावधान किया गया है। यह समिति DPR का तकनीकी और वित्तीय मूल्यांकन करने के लिए जिम्मेदार होगी। उक्त के आलोक में राज्य स्तरीय तकनीकी समिति (SLTC) का गठन निम्नवत् किया जाता हैः-