Urban Development notifications 2017बिहार राजपत्र अधिसूचनाएँ
74 notifications published in the Bihar Gazette by the Urban Development, Government of Bihar, in 2017. Read the summaries and download the official PDFs.
बिहार नगरपालिका अधि्ानियम, 2007 की धारा-12 (9) में निहित प्रावधान के आलोक में निम्नांकित नगरपालिकाओं के कार्यकाल समाप्ति (09 जून, 2017) से नगरपालिका आम निर्वाचन, 2017 के पष्चात् नए नगर इकाई के अस्तित्व में आने तक की कालावधि के लिए नगर परिषद एवं नगर पंचायत के मामले में संबंधित अनुमंडलाधिकारी को प्रषासक नियुक्त किया जाता हैः-
बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 की धारा-35 तथा बिहार नगरपालिका निर्वाचन नियमावली, 2007 के नियम-87 के प्रावधानों के अंतगर्त नगरपालिका आम निर्वाचन, 2017 में नगरपालिका (नगर निगम/नगर परिषद/नगर पंचायत) के निर्वाचित वार्ड पार्षदों के नाम यथा संलग्न अनुसूची में विभागीय अधिसूचना संख्या-3623 दिनांक-30.05.2017 द्वारा सर्वसाधारण की सूचना के लिए प्रकाशित की गई थी। परन्तु टंकण भ्ाप्रल के कारण उक्त अधिसूचना के संलग्न अनुसूची-XXIX में त्रुटियाँ पाई गई जिसे निम्नवत् संशोधित किया जाता हैः-
बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 की धारा-35 तथा बिहार नगरपालिका निर्वाचन नियमावली, 2007 के नियम-87 के प्रावधानों के अंतगर्त नगरपालिका आम निर्वाचन, 2017 में नगरपालिका (नगर निगम/नगर परिषद/नगर पंचायत) के निर्वाचित वार्ड पार्षदों के नाम यथा संलग्न अनुसूची में एतद्द्वारा सर्वसाध्ाारण की सूचना के लिए प्रकाशित किये जाते हैं।
विकास योजनाओं की तैयारी के दौरान प्रशासनिक इकाईयों एवं आयोजना क्षेत्र के क्षेत्रफल में उपांतरण एवं फेरबदल की संभावना को ध्यान में रखते हुए आयोजना क्षेत्र के कुल क्षेत्रफल में दस प्रतिशत तक उपांतरण एवं फेरबदल, आयोजना क्षेत्र के उपान्त क्षेत्र की घोषणा, आयोजना प्राधिकार के गठन, विकास योजना की अवधि के अवधारण एवं अन्य विधिपूर्ण कार्रवाई के लिए नगर विकास एवं आवास विभाग सक्षम प्राधिकार होगा।
बिहार शहरी आयोजना तथा विकास अधिनियम, 2012 की धारा-9 सह-पिठत बिहार शहरी आयोजना तथा विकास नियमावली, 2014 के नियम-9 के द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार सरकार, सहरसा नगर परिषद एवं इसके आस-पास स्थित महत्वपूर्ण क्षेत्रों एवं शहरी क्षमता वाले ग्रामीण क्षेत्रों को समेकित एवं सुव्यवस्थित रूप से विकसित करने के उद्देश्य से अगले बीस वर्षों अथवा इससे विस्तारित अवधि के लिए सहरसा की महायोजना तैयार करने के हेतु निम्नलिखित अायोजना क्षेत्र घोषित करती है, जिसे ”सहरसा आयोजना क्षेत्र“ कहा जायेगा। इसकी स्थानीय सीमाएं निम्नवत् हैं ः -
विकास योजनाओं की तैयारी के दौरान प्रशासनिक इकाईयों एवं आयोजना क्षेत्र के क्षेत्रफल में उपांतरण एवं फेरबदल की संभावना को ध्यान में रखते हुए आयोजना क्षेत्र के कुल क्षेत्रफल में दस प्रतिशत तक उपांतरण एवं फेरबदल, आयोजना क्षेत्र के उपान्त क्षेत्र की घोषणा, आयोजना प्राधिकार के गठन, विकास योजना की अवधि का अवधारण एवं अन्य विधिपूर्ण कार्रवाई के लिए नगर विकास एवं आवास विभाग सक्षम प्राधिकार होगा।
बिहार शहरी अायोजना तथा विकास अधिनियम, 2012 की धारा-9 सह-पिठत बिहार शहरी आयोजना तथा विकास नियमावली, 2014 के नियम-9 के द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार सरकार, एतद्द्वारा बिहारशरीफ शहर एवं उसके आस पास के क्षेत्रों को समेकित एवं सुव्यवस्थित रूप से विकसित करने के उद्देश्य से अगले बीस वर्षों अथवा इससे विस्तारित अवधि के लिए महायोजना तैयार करने के प्रयोजनार्थ निम्नलिखित आयोजना क्षेत्र घोषित करती है, जिसे ”बिहारश्ारीफ आयोजना क्षेत्र“ कहा जायेगा। इसकी स्थानीय सीमाएं निम्नवत् हैं ः -
पूरब - उत्तरी भाग में बोचहा सी॰डी॰ ब्लॉक के गिधा उर्फ मेचहाँ फारूकपुर, हमीदपुर, मुशहरी सी॰डी॰ ब्लॉक के बहादुरपुर, पीर महम्मदपुर, नन्दु चक उर्फ युसुफपुर, मुशहरी उर्फ राधानगर, मनिका हरकिसुन, मानसी, नवादा उर्फ बिशुनपुर भगवान, नरसिंहपुर से होते हुए दक्षिण में नयागाँव तक।
बिहार शहरी आयोजना तथा विकास अधिनियम, 2012 की धारा-9 सह-पठित बिहार शहरी आयोजना तथा विकास नियमावली, 2014 के नियम-9 के द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार सरकार, एतद्द्वारा मुजफ्फरपुर शहर एवं उसके आस पास के क्षेत्रों को समेकित एवं सुव्यवस्थित रूप से विकसित करने के उद्देश्य से, अगले बीस वर्षों अथवा इससे विस्तारित अवधि के लिए महायोजना तैयार करने के प्रयोजनार्थ निम्नलिखित आयोजना क्षेत्र घोषित करती है, जिसे ”मुजफ्फरपुर आयोजना क्षेत्र“ कहा जायेगा। इसकी स्थानीय सीमाएं निम्नवत् हैं ः -
बिहार शहरी अायोजना तथा विकास अधिनियम, 2012 की धारा-9 सह-पिठत बिहार शहरी आयोजना तथा विकास नियमावली, 2014 के नियम-9 के द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बििहार सरकार, आरा नगर निगम एवं इसके आस-पास स्थित महत्वपूर्ण क्षेत्रों एवं शहरी क्षमता वाले ग्रामीण क्षेत्रों को समेकित एवं सुव्यवस्थित विकास के उद्देश्य से अगले बीस वर्षों अथवा इससे विस्तारित अवधि के लिए महायोजना तैयार करने हेतु निम्नलिखित आयोजना क्षेत्र घोषित करती है, जिसे ”आरा आयोजना क्षेत्र“ कहा जायेगा। इसकी स्थानीय सीमाएं निम्नवत् हैं ः -
गया आयोजना क्षेत्र का कुल क्षेत्रफल-308.31 वर्ग कि॰मी॰ है, जिसमें 50.17 वर्ग कि॰मी॰ शहरी क्षेत्र एवं शेष 258.14 वर्ग कि॰मी॰ ग्रामीण क्षेत्र है। इसमें एक शहरी प्रशासनिक इकाई गया नगर निगम एवं गया टाउन सी॰डी॰ ब्लॉक के 77 राजस्व ग्राम, बेलागंज सी॰डी॰ ब्लॉक के 8 राजस्व ग्राम, मानपुर सी.डी.ब्लॉक के 49 राजस्व ग्राम, परैया सी.डी. ब्लॉक के 04 राजस्व ग्राम एवं बोधगया सी.डी. ब्लॉक के 24 राजस्व ग्राम सहित कुल 162 राजस्व ग्राम शामिल है।
बिहार शहरी आयोजना तथा विकास अधिनियम, 2012 की धारा-9 सह-पठित बिहार शहरी आयोजना तथा विकास नियमावली, 2014 के नियम-9 के द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार सरकार, एतद्द्वारा गया शहर एवं उसके आस पास के क्षेत्रों को समेकित एवं सुव्यवस्थित रूप से विकसित करने के उद्देश्य से, अगले बीस वर्षों अथवा इससे विस्तारित अवधि के लिए महायोजना तैयार करने के प्रयोजनाथ्ार्निम्नलिखित आयोजना क्षेत्र घोषित करती है, जिसे ”गया आयोजना क्षेत्र“ कहा जायेगा। इसकी स्थानीय सीमाएं निम्नवत् हैं ः -
’’किफायती आवास और मलिन बस्ती (स्लम) पुनर्वास एवं पुनर्विकास आवास नीति 2017 ‘‘ की स्वीकृति। सबके लिए आवास (HFA) योजना-शहरी को राज्य के सभी नगर निकायों में क्रियान्वित किये जाने की सैद्धान्तिक स्वीकृति विभागीय संकल्प सं0-3812 दिनांक 26.08.2015 द्वारा अधिसूचित है।
2. शहरीकरण में तेज गति से हो रही वृद्धि के कारण शहरी क्षेत्रों में Affordable Housing विशेष रूप से EWS एवं LIG श्रेणी में, माँग एवं अापूर्ति के बीच बड़ा फासला है, जिसका समाधान लक्ष्य आधािरत नीति-निर्देशों के माध्यम से संभव हो सकता है। इस क्रम में योजना के महत्वपूर्ण घटक-किफायती आवास निर्माण्ा के अन्तर्गत भारत सरकार से प्राप्त मार्गदर्शिका के आलोक में राज्य के संदर्भ में ’’किफायती आवास और मलिन बस्ती (स्लम) पुनर्वास एवं पुनर्विकास आवास नीति 2017‘‘ का निर्माण किया गया है।
रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय, भारत सरकार के Office Memorandum F.No.-11026/26/2016-M&E, दिनांक 10.05.2016 के कंडिका-2 में City Compost के प्रचार/प्रोत्साहन हेतु राज्य स्तर पर प्रधान सचिव/सचिव की अध्यक्षता में State Level Steering Committee (SLSC) के गठन का प्रावधान करते हुए कंडिका-03 में SLSC के कार्य वर्णित हैं एवं कंडिका-04 में कमिटि की बैठक निर्धारित की गयी है।
भू-संपदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 (2016 का 16) की धारा 84 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए और धारा 2 के खंड (छ) के उप-खंड-(iv) के अनुसरण में बिहार सरकार निम्नलिखित नियमावली बनाते हैं ः -
बिहार राज्य आवास बोर्ड के द्वारा आवंटित एवं भविष्य में आवंटित किये जाने वाले सम्पदाओं को लीज-होल्ड से फ्री-होल्ड में परिवर्तन करने हेतु ‘‘एक कालिक परिवर्तन प्रभार शुल्क;; (अद्यतन बाजार दर का 10 प्रतिशत राशि) प्राप्त कर फ्री-होल्ड के रूप में निबंधित करने के संबंध में।
बिहार राज्य आवास बोर्ड की स्थापना 1971 में अध्यादेश संख्या-101/1971 के द्वारा की गयी थी। तदुपरान्त समय-समय पर अध्यादेश प्रख्यापित करके इसे चालू रखा गया और फिर इसे अधिनियम में परिवर्तित करके नियमित किया गया। बिहार राज्य आवास बोर्ड अधिनियम, 1982 को राष्ट्रपति की स्वीकृति 19 अप्रैल, 1982 को प्राप्त हुआ। इस अधिनियम के प्रवृत्त होने के उपरान्त आवास बोर्ड के सारे कार्य-कलाप इस अधिनियम के तहत संचालित होने लगे। इस अधिनियम के तहत आवास बोर्ड के द्वारा निर्मित सम्पदाओं का आवंटन एवं निस्तार करने हेतु बिहार राज्य आवास बोर्ड (आवासीय भू-सम्पदा का प्रबंधन एवं निस्तार) विनियमावली, 1983 लागू किया गया है। इस अधिनियम के तहत आवास बोर्ड के द्वारा सम्पदाओं का अावंटन एवं हस्तांतरण किया जाता है।
स्थानीय नगर निकाय के कर्मियों को पंचम/षष्ठम वेतन पुनरीक्षण का लाभ प्रदान कर ने के संबंध में।
1. नगर विकास एवं आवास विभाग कीे अधिसूचना संख्या-329 दिनांक 16.01.2010 द्वारा गठित आंतरिक वेतन समिति द्वारा नगर निकायों में काम करने वाले पदाधिकारी एवं कर्मियों को दिनांक 01.01.1996 एवं 01.01.2006 से सरकारी कर्मियों के समतुल्य पुनरीक्षित वेतनमान (जिसका आर्थिक लाभ क्रमशः दिनांक 01.04.1997 एवं दिनांक 01.04. 2007 से) तथा उस पर अनुमान्य मंहगाई भत्ता, चिकित्सा भत्ता एवं आवास भत्ता दिए जाने के पूर्व नगर निकायों को अपनी आर्थिक सक्षमता के आकलन का निर्णय लिए जाने की छूट रहने की अनुशंसा प्रदान की गइर्। इसके कार्यान्वयन के फलस्वरुप वित्तीय भार के लिए सरकार कहीं से उत्तरदायी नहीं होगी।
बिहार राज्य आवास बोर्ड, अधिनियम, 1982 की धारा-4(ञ) में निहित प्रावधान के आलोक में निम्नलिखित चार व्यक्तियों को अधिसूचना निर्गत की तिथि से बिहार राज्य आवास बोर्ड का गैर सरकारी सदस्य नामित किया जाता हैः-