All 453 notifications published in the Bihar Gazette by the Transport, Government of Bihar, since 2015. Browse by year, read the summaries and download the official PDFs.
बिहार मोटरवाहन करारोपण अधिनियम, 1994 की धारा-15 की उपधारा-1 एवं धारा-23 के परंतुक तथा मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा-211 एवं केन्द्रीय मोटरवाहन नियमावली, 1989 के नियम-81 के परन्तुक द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार द्वारा पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग को प्रोत्साहित करने के लिए 15 वर्ष से अधिक आयु के स्क्रैप किये जाने वाले वाहनों पर पूर्व से लंबित देनदारियों में निम्नरूप से एकमुश्त छूट प्रदान किया गया है, जिसे परिवहन विभाग, बिहार की अधिसूचना सं0-6061 दिनांक-28.07.2023 द्वारा अधिसूचित किया गया हैः-
बिहार मोटरवाहन करारोपण अधिनियम, 1994 की धारा-7 की उप-धारा (7) सहपठित धारा-23 के परन्तुक के द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार एतद्द्वारा बिहार राज्य में निबंधित कर-प्रमादी परिवहन/गैर-परिवहन वाहन/ट्रैक्टर-र्टेलर/बैट्री चालित यान (Electric Vehicle) द्वारा बकाया एकमुश्त पथकर/हरित कर जमा करने पर अर्थदण्ड/ब्याज से विमुक्ति तथा उपरोक्त सभी प्रकार के अनिबंधित वाहनों (उत्सर्जन मानक BS-IV के अनिबंधित वाहनों को छोड़कर) ट्रैक्टर-र्टेलर/बैट्री चालित यान (Electric Vehicle) को बकाया पथकर एकमुश्त जमा करने पर सभी प्रकार के अर्थदण्ड से सर्वक्षमा (Amnesty) और वाहन व्यावसायियों द्वारा बकाये व्यापार कर तथा अस्थायी निबंधन की फीस को एकमुश्त जमा करने पर उस पर लगने वाले अर्थदण्ड की माफी की स्वीक
मोटरवाहन अधिनियम, 1988 की धारा 200 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार द्वारा जनहित में उक्त अधिनियम की धारा-190 की उपधारा-2 में विर्निदिष्ट शमन की राशि को निम्न रूप से निर्धारित किया जाता हैः-
मोटरयान (यथा संशोधित) अधिनियम, 1988 की धारा-165 सह पठित धारा-176 के तहत राज्य सरकार को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार के राज्यपाल निम्नलिखित नियम बनाते हैं, जिसका उक्त अधिनियम की धारा-212 के अधीन यथा अपेक्षित प्रारूप का पूर्व प्रकाशन अधिसूचना सं0-9615, दिनांक-07.08.2024 द्वारा करते हुए प्राप्त आपत्ति/सुझाव का निष्पादन किया जा चुका है।
परिवहन विभाग की अधिसूचना सं0- 9385, दिनांक-18.12.2023 द्वारा श्री बटेश्वर नाथ पाण्डेय को अध्यक्ष, बिहार मोटरवाहन दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण के पद पर नियुक्त करते हुए अधिसूचना सं0-9693, दिनांक-27.12.2023 द्वारा अध्यक्ष, बिहार मोटरवाहन दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण, पटना के पद पर पदस्थापित किया गया था।
मोटरयान अधिनियम, 1988 (अधिनियम संख्या 59, 1988) की धारा-211 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, परिवहन विभाग की अधिसूचना सं0-जी॰एस॰आर॰ 16, दिनांक- 7 अक्टुबर,1996, अधिसूचना संख्या-2703, दिनांक-22 मई, 2017 एवं अधिसूचना संख्या-1003, दिनांक-01 फरवरी, 2019 के माध्यम से बिहार मोटरगाड़ी नियमावली, 1992 के नियमों में किये गये प्रावधान में संशोधन करना चाहते है, जिसका निम्नलिखित प्रारुप एतद्द्वारा उक्त अधिनियम की धारा-212 के अध्यापेक्षाओं की पूर्ति हेतु प्रकाशित किया जाता है और उक्त प्रारुप के संबंध में आपत्तियाँ और सुझाव आमंत्रित करते हुए, उसके द्वारा प्रभावित होने वाले व्यक्तियों की जानकारी के लिए, इसके द्वारा सूचना दी जाती है कि उक्त प्रारुप प्रकाशन की तिथि से 30 दिनों तक परिव
मोटरवाहन अधिनियम, 1988 की धारा-165 सह पठित धारा-176 के तहत राज्य सरकार को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार के राज्यपाल निम्न नियम बनाते हैं, जिसका निम्नलिखित प्रारूप एतद्द्वारा उक्त अधिनियम की धारा-212 के अध्यापेक्षाओं की पूर्ति हेतु प्रकाशित किया जाता है और उक्त प्रारूप के संबंध में आपत्तियाँ और सुझाव आमंत्रित करते हुए, उसके द्वारा प्रभावित होने वाले व्यक्तियों की जानकारी के लिए, इसके द्वारा सूचना दी जाती है कि उक्त प्रारूप के प्रकाशन की तिथि से 30 दिनों तक परिवहन विभाग के वेबसाईट www.state.bihar.gov.in/transport पर उपलब्ध रहेगा। तद्ोपरान्त प्राप्त आपत्ति/सुझाव के आलोक में सम्यक विचारोपरान्त निर्णय लिया जायेगा।
परिवहन विभाग की अधिसूचना सं0-5732, दिनांक-05.09.2018 द्वारा अधिसूचित तथा अधिसूचना सं0-6480 दिनांक-09.09.2020 द्वारा यथा संशोधित मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना राज्य के सभी जिलों में क्रियान्वित थी। इस योजना के तहत राज्य के सभी पंचायतों में विधिवत चयनित 7 लाभुकों को अनुमान्य वाहन की खरीद पर, खरीद मूल्य का 50% अथवा अधिकतम 1.00 (एक) लाख रूपए का अनुदान का प्रावधान है।
मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 112 की उपधारा-1 एवं परन्तुक के तहत् प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये राज्य सरकार द्वारा राज्य के विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्ग, राजकीय उच्च मार्ग, पथ निर्माण विभाग एवं ग्रामीण कार्य विभाग के विभिन्न सड़कों, नगर निकाय अंतर्गत सड़कों पर वाहनों के तीव्र गति (Over speeding) के कारण हो रही सड़क दुर्घटनाओं को न्यून करने के उद्देश्य से वाहनों की अधिकतम गति सीमा निर्धारित करने हेतु परिवहन विभाग सक्षम प्राधिकार होंगे।
मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा-213 (1) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए मो0 अतहर, उप निदेशक, पंचायती राज, कोशी प्रमण्डल, सहरसा को अपने कार्यों के अतिरिक्त संयुक्त आयुक्त-सह-सचिव, क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार, कोशी प्रमण्डल, सहरसा के कार्यों के निष्पादन हेतु अगले आदेश तक शक्ति प्रत्यायोजित की जाती है।
DTO विभिन्न जिलों में पदस्थापित निम्नांकित जिला परिवहन पदाधिकारियों/ अन्य पद पर कार्यरत बिहार प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारियों को कार्यहित में अपने कार्यों के अतिरिक्त उनके नाम के सामने कॉलम-4 में अंकित पद पर अतिरिक्त प्रभार तत्काल के प्रभाव से दिया जाता हैः-
Considering the difficulties faced by the officers/employees of the Government sector and Private sector, who are transferred from one state to another state and face difficulties in transfer of their private vehicle, the BH-Series has been introduced under the rule-47, 48, 50, 51 & 54 of Central Motor Vehicle Rules, 1989, exercising the powers conferred by section-6 (d) of Bihar Motor Vehicles Taxation (as amended) Act, 1994 read with Bihar Motor Vehicles Taxation (amendment) Act, 2016, after the detail of schedule-1 part (A) of notification no.-5786, dated-07.12.2018 issued under section-9 of the Bihar Finance Act, 2013 read with section 7 (1) of Bihar Motor Vehicle Taxation Act, 1994, wri
दिनांक 24.08.2018 को संपन्न मंत्रिमंडल की बैठक जिसके मद संख्या-3 के रूप में सड़क सुरक्षा कार्ययोजना के सफल क्रियान्वयन हेतु बिहार सड़क सुरक्षा परिषद् के अधीन गठित लीड एजेन्सी के अंतर्गत संविदा के आधार पर नियोजन हेतु विभिन्न पदों के सृजन की स्वीकृति प्रदान की गयी थी। उक्त स्वीकृत पदों के क्र0 सं0-6 एवं क्र0 सं0-11 पर अंकित पदों के कार्य अनुभव एवं योग्यता में निम्नवत् संशोधन किये गये हैः-
मोटरवाहन अधिनियम, 1988 की धारा-165 सह पठित धारा-176 के तहत राज्य सरकार को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार के राज्यपाल निम्न नियम बनाते हैं, जिसका निम्नलिखित प्रारूप एतद्द्वारा उक्त अधिनियम की धारा-212 के अध्यापेक्षाओं की पूर्ति हेतु प्रकाशित किया जाता है और उक्त प्रारूप के संबंध में आपत्तियाँ और सुझाव आमंत्रित करते हुए, उसके द्वारा प्रभावित होने वाले व्यक्तियों की जानकारी के लिए, इसके द्वारा सूचना दी जाती है कि उक्त प्रारूप के प्रकाशन की तिथि से 30 दिनों तक परिवहन विभाग के वेबसाईट www.state.bihar.gov.in/transport पर उपलब्ध रहेगा। तद्ोपरांत प्राप्त आपत्ति/सुझाव के आलोक में सम्यक विचारोपरांत निर्णय लिया जायेगा।
बिहार के निम्न प्रमुख शहरों यथा-पटना, मुजफ्फरपुर, गया, भागलपुर, दरभंगा, एवं पूर्णियां शहरों के लिये कुल 400 बसों के परिचालन हेतु वित्तीय वर्ष 2024-25 में पूर्व से स्वीकृत “पी0एम0 ई-बस सेवा” योजना का कार्यान्वयन हेतु कुल 1032.81 (एक हजार बत्तीस करोड़ एक्कासी लाख)+ रू0 के पुनरीक्षित प्राक्कलन के संबंध में।
बिहार के 6 प्रमुख नगर पटना, मुजफ्फरपुर, गया, भागलपुर, दरभंगा एवं पूर्णियां के लिए कुल 400 ईलेक्ट्रिक बसों के परिचालन हेतु दिनांक-05.12.2023 को मंत्रिपरिषद की बैठक में केन्द्रीय सहायता के रूप में कुल राशि 728.42 करोड़ रु० एवं राज्यांश के रूप में 235.20 करोड़ रू0 सहित कुल 963.62 करोड़ रू0 की स्वीकृति प्रदान की गई है।
बिहार राज्य में आम नागरिकों को सुलभ एवं सुगम परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने हेतु “Scheme for Special Assistance to State for Capital Investment 2023-24” के तहत बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के लिए नयी बसों के क्रय हेतु कुल राशि रू॰ 73.20 करोड़ (तिहत्तर करोड़ बीस लाख रूपये) के व्यय की स्वीकृति प्रदान की जाती है।
मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा-68 की उपधारा-(3)(c-a) के तहत् मुख्यमंत्री प्रखण्ड परिवहन योजना के अन्तर्गत अनुसूची-’क‘ के रूप में कुल-2005 (दो हजार पाँच मात्र) नये अन्तर्क्षेत्रीय मार्गों को अधिसूचित किया जाता है।
सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना सं0-9557, दिनांक-19.06.2024 द्वारा परिवहन विभाग के जिला परिवहन कार्यालय में जिला परिवहन पदाधिकारी के पद पर पदस्थापन किया गया है। पदस्थापित पदाधिकारी का नाम एवं जिला निम्नवत् हैः-