क्या मंत्री, स्वास्थ्य विभाग, यह बतलाने की कृपा करेंगे कि:-क्या यह बात सही है कि कटिहार के बारसोई प्रखंड के कई गाँवों में अस्पताल भवन होने के बावजूद स्थायी डॉक्टरों, नर्सों और जीवन रक्षक दवाओं के अभाव में ईलाज न मिलने के कारण प्रसव जैसी आपात स्थिति में मरीजों को पश्चिम बंगाल के इस्लामपुर या मालदा ले जाना पड़ता है, जिससे रास्ते में ही कई जानें चली जाती हैं, उक्त क्षेत्रों में डॉक्टरों की अनिवार्य तैनाती और एम्बुलेंस की 24x7 उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही सरकार इन केंद्रों को 'मॉडल स्वास्थ्य केंद्र' के रूप में विकसित करने का विचार रखती है, यदि हाँ तो कब तक नहीं तो क्यों ?