Urban Development notificationsबिहार राजपत्र अधिसूचनाएँ
All 1,206 notifications published in the Bihar Gazette by the Urban Development, Government of Bihar, since 2015. Browse by year, read the summaries and download the official PDFs.
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा अधिसूचित पर्यावरण (सुरक्षा) अधि्ानियम, 1986 के अधीन प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली, 2016 के नियम-6 (4) द्वारा उक्त नियामवली के प्रावधानों को समाहित करते हुए उपविधि बनाने हेतु स्थानीय निकाय को अधिदेशित किया गया है। इस संबंध में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिर्वतन विभाग, बिहार सरकार द्वारा अधिसूचना संख्या-25/2018 दिनांक-15.10.2018 अधिसूचित है।
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा अधिसूचित पर्यावरण (सुरक्षा) अधि्ानियम, 1986 के अधीन प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली, 2016 के नियम-6 (4) द्वारा उक्त नियामवली के प्रावधानों को समाहित करते हुए उपविधि बनाने हेतु स्थानीय निकाय को अधिदेशित किया गया है। इस संबंध में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिर्वतन विभाग, बिहार सरकार द्वारा अधिसूचना संख्या-25/2018 दिनांक 15.10.2018 अधिसूचित है।
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा अधिसूचित पर्यावरण (सुरक्षा) अधि्ानियम, 1986 के अधीन प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली, 2016 के नियम-6 (4) द्वारा उक्त नियामवली के प्रावधानों को समाहित करते हुए उपविधि बनाने हेतु स्थानीय निकाय को अधिदेशित किया गया है। इस संबंध में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिर्वतन विभाग, बिहार सरकार द्वारा अधिसूचना संख्या-25/2018 दिनांक-15.10.2018 अधिसूचित है।
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा अधिसूचित पर्यावरण (सुरक्षा) अधि्ानियम, 1986 के अधीन प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली, 2016 के नियम-6 (4) द्वारा उक्त नियामवली के प्रावधानों को समाहित करते हुए उपविधि बनाने हेतु स्थानीय निकाय को अधिदेशित किया गया है। इस संबंध में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिर्वतन विभाग, बिहार सरकार द्वारा अधिसूचना संख्या-25/2018 दिनांक-15.10.2018 अधिसूचित है।
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा अधिसूचित पर्यावरण (सुरक्षा) अधि्ानियम, 1986 के अधीन प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली, 2016 के नियम-6 (4) द्वारा उक्त नियामवली के प्रावधानों को समाहित करते हुए उपविधि बनाने हेतु स्थानीय निकाय को अधिदेशित किया गया है। इस संबंध में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिर्वतन विभाग, बिहार सरकार द्वारा अधिसूचना संख्या-25/2018 दिनांक-15.10.2018 अधिसूचित है।
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा अधिसूचित पर्यावरण (सुरक्षा) अधि्ानियम, 1986 के अधीन प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली, 2016 के नियम-6 (4) द्वारा उक्त नियामवली के प्रावधानों को समाहित करते हुए उपविधि बनाने हेतु स्थानीय निकाय को अधिदेशित किया गया है। इस संबंध में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिर्वतन विभाग, बिहार सरकार द्वारा अधिसूचना संख्या-25/2018 दिनांक-15.10.2018 अधिसूचित है।
बिहार राज्य जल और वाहित मल बोर्ड (निरसन) अधिनियम, 2017 (बिहार अधिनियम-03, 2018) एवं विभागीय संकल्प संख्या 2690 दिनांक 16.05.2018 के प्रावधानानुसार नगर विकास एवं आवास विभाग के अन्तर्गत एकीकृत शहरी अभियंत्रण संगठन का गठन तथा इसके अन्तर्गत अतिरिक्त पदों का सृजन के साथ-साथ बिहार राज्य जल पर्षद का सम्पूर्ण रूप से एवं बिहार शहरी विकास अभिकरण तथा जिला शहरी विकास अभिकरणों के स्तर पर कार्यरत नगर विकास एवं आवास विभाग के अभियंत्रण कोषांग (एकीकृत अभियंत्रण संगठन के अभियंता प्रमुख-सह-विशेष सचिव एवं उड़नदस्ता प्रकोष्ठ को छोड़कर) बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड में विलय के प्रस्ताव पर कम्पनी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा अनुमोदनोपरांत गजट में प्रकाशित अधिसूचना निर्गत किये जाने की तिथि से प
रजिस्ट्रेशन की विधिमान्यता तक- 19 गली में झाडू लगाने, सेकेन्डरी भंडारण, परिवहन, प्रोसेसिंग तथा अपशिष्ट का निपटारा सहित शहरी स्थानीय निकाय के स्वयं के द्वारा फेलाई गई मानव शक्ति का ब्यौरा दें 20 गली में झाडू लगाने, सेकेन्डरी भंडारण, परिवहन, प्रोसेसिंग तथा अपशिष्ट का निपटारे सहित संग्रहण के लिए ठीकेदार रियायत ग्राही व्यक्ति द्वारा फैलाई गई मानव शक्ति का ब्यौरा दें 21 वित्तीय दबाब, यदि कोई हो सहित, इस नियमावली के प्रावधानों के अनुपालन में शहरी स्थानीय निकाय द्वारा अनुभव की गई कठिनाइयों को संक्षेप में वर्णन करें 22 क्या नगर में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के उपायों को विकसित करने के लिए कार्य योजना बनाई गई है ? यदि हाँ (प्रतिलिपि संलग्न करें) पुनरीक्षण की तिथि-
शहरी अभियंत्रण संगठन में नगर नगर विकास एवं आवास विभाग के अन्तर्गत गठित एकीकृत ों को चिन्हित करने के फलस्वरूप निकायों के स्तर पर तकनीकी सहयोग हेतु अभियन्ताओं के पद सोलह) रूपये अनुमानित वार्षिक 23,13,41,016/-(तेईस करोड़ तेरह लाख एकतालीस हजार व्यय विभिन्न कोटि के अभियन्ताओं के 316 (तीन सौ सोलह) अतिरिक्त पदों का सृजन।पर
नगर विकास एवं आवास विभाग के अन्तर्गत बिहार राज्य जल पर्षद का पूर्ण रूप से बिहार शहरी आधारभूत संरचना एवं विकास निगम लिमिटेड, पटना में विलयन एवं बिहार शहरी विकास अभिकरण तथा जिला शहरी विकास अभिकरणों के स्तर पर कार्यरत नगर विकास एवं आवास विभाग के अभियंत्रण कोषांग (एकीकृत अभियंत्रण संगठन के अभियंता प्रमुख-सह-विशेष सचिव एवं उड़नदस्ता प्रकोष्ठ को छोड़कर) के अभियन्ताओं के पदों को समेकित कर विभागीय संकल्प ज्ञापांक 2690 दिनांक 16.05.2018 द्वारा विभिन्न स्तरों के अभियन्ताओं के कुल 577 पदों को सम्मिलित कर एकीकृत अभियंत्रण संगठन का गठन किया गया है।
मेट्रो रेल पॉलिसी 2017 के प्रावधानों पर राज्य सरकार के Commitment के साथ पटना मेट्रो रेल प्रोजेक्ट का कार्यान्वयन SPV Model में अनुमानित लागत 17887.56 करोड़ रू0 (सतरह हजार आठ सौ सत्तासी करोड़ छप्पन लाख रू0) (सभी करों सहित) पर कराने के लिए DPR, Comprehensive Mobility Plan (CMP) एवं Alternative Analysis (AA) सहित परियोजना प्रस्ताव को केन्द्र सरकार को भेजने हेतु सैद्धांतिक प्रशासनिक स्वीकृति।
बिहार राज्य की राजधानी पटना का प्राचीन काल से ही व्यापारिक एवं ऐतिहासिक महत्व रहा है। पटना शहर प्रदेश की मुख्य गतिविधियों का केन्द्र होने के कारण इसका शहरीकरण काफी तीव्र गति से हुआ है। साथ ही बढ़ती हुई शहरी आबादी एवं बढ़ते हुये मोटर वाहनों के दबाव के कारण प्रायः शहर के चैराहों पर प्रतिदिन जाम की समस्या बनी रहती है, जिसकी वजह से आम नागरिकों के आवागमन एवं तद्नुसार स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा है।
पटना मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के कार्यान्वयन हेतु ’’पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लि0 (PMRCL)'' नामक SPV का गठन (AoA एवं MoA सहित) तथा उक्त SPV का Authorized Capital 2000 करोड़ रू0 (दो हजार करोड़ रू0) रखे जाने की प्रशासनिक स्वीकृति।
पटना शहर के लिए स्वीकृत Master Plan-2031 के अनुसार पटना महानगर का फैलाव लगभग 1150 Sq km में होगा, जिसमें दानापुर, खगौल, सैदपुरा, फुलवारीशरीफ, बिहटा एवं फतुहा तक पटना महानगर की सीमा निर्धारित की गई है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार पटना शहर की आबादी 20.32 लाख हो चुकी है, जो वर्ष 2031 तक 36.3 लाख होने की संभावना है।
In exercise of the powers conferred under section 13 read with section 8 of Bihar Municipal Act, 2007 the State Government hereby divides the New Capital Circle and Patna City Circle of Patna Municipal Corporation in the following two parts respectively as follows:-
बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 की धारा-13-सह-पठित धारा-8 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार पटना नगर निगम के अधीन नूतन राजधानी अंचल एवं पटना सिटी अंचल को क्रमशः दो भागों में निम्नवत विभक्त करती हैः-
राज्य के नविषयः- गर निकायों के अन्तर्गत स्वीकृत रिक्त पदों पर सेवानिवृत सेवकों को संविदा के आधार पर नियोजन हेतु नीति एवं प्रक्रिया निर्धारित करने के संबंध में।
बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 की धारा-130 में प्रावधान है कि राज्य सरकार के अनुमोदन के अधीन, नगरपालिका, नगरपालिका क्षेत्र के अंतर्गत विद्युत उपभोग पर 2.5 प्रतिशत कर, उपभोक्ता अधिभार, शुल्क अथवा दण्ड लगा सकेगी। अर्थात शहरी क्षेत्र के सभी विद्युत उपभोक्ताओं से ऊर्जा विभाग द्वारा निर्धारित विद्युत शुल्क पर 2.5 प्रतिशत अतिरिक्त अधिभार नगरपालिका लगा सकेगी।
भारत सरकार द्वारा नमामि गंगे योजना के अन्तर्गत 100% अनुमानित लागत कुल रू॰ 836.44 करोड़ (आठ सौ छत्तीस करोड़ चैबालीस लाख मात्र) के व्यय पर पटना शहर के दीघा जोन में Sewerage Network एवं Sewage Treatment Plant के निर्माण हेतु जिसमें केन्द्रांश के रूप में स्वीकृत राशि 824.00 करोड़ रुपये (आठ सौ चैबीस करोड़ मात्र) पर सहमति तथा इस योजना में राज्य सरकार द्वारा कार्यान्वयन एजेंसी को भुगतान हेतु सेंटेज की राशि कुल 12.44 करोड़ रू॰
(बारह करोड़ चैबालीस लाख मात्र) के व्यय की प्रशासनिक स्वीकृत्ति।
भारत सरकार द्वारा नमामि गंगे योजना के अंतर्गत 100% अनुमानित लागत कुल रू॰ 260.871 करोड़ रूपये (दो सौ साठ करोड़ सत्तासी लाख दस हजार रू॰ मात्र) के व्यय पर भागलपुर शहर में Interception & Diversion एवं STP परियोजना के निर्माण हेतु जिसमें केन्द्रांश के रूप में स्वीकृत राशि 254.13 करोड़ रूपये (दो सौ चैवन करोड़ तेरह लाख रू॰ मात्र) पर सहमति तथा इस योजना में राज्य सरकार द्वारा कार्यान्वयन एजेंसी को भुगतान हेतु सेंटेज की राशि कुल 6.741
करोड़ रू॰ (छः करोड़ चैहत्तर लाख दस हजार रू॰ मात्र) के व्यय की प्रशासनिक स्वीकृति।
भारत सरकार द्वारा नमामि गंगे योजना अंतर्गत 100% अनुमानित लागत कुल रू॰ 588.8786 करोड़ (पॉच सौ अट्ठासी करोड़ सतासी लाख छियासी हजार मात्र) रुपये के व्यय पर पटना शहर के कंकड़बाग जोन में Sewerage Network एवं Sewage Treatment Plant के निर्माण हेतु जिसमें केन्द्रांश के रूप में स्वीकृत राशि 578.89 करोड़ रुपये (पॉच सौ अठ्हत्तर करोड़ नवासी लाख मात्र) पर सहमति तथा इस योजना में राज्य सरकार की ओर से कार्यान्वयन एजेंसी को
सेंटेज की राशि कुल 9.9886 करोड़ रू॰ (नौ करोड़ अन्ठान्वे लाख छियासी हजार मात्र) के व्यय की प्रशासनिक स्वीकृत्ति।
भारत सरकार के नमामि गंगे योजनांतर्गत बेगूसराय शहर में Sewerage Network एवं STP कार्य को पूर्ण करने हेतु पुनरीक्षित परियोजना लागत सेंटेज सहित रू॰ 23656.06 लाख (दो अरब छतीस करोड़ छप्पन लाख छह हजार रू॰ मात्र) में से केन्द्रांश के रूप में रू0 16104.207 लाख (एक अरब एकसठ करोड़ चार लाख बीस हजार सात सौ रू मात्र) तथा राज्यांश के रूप में सेंटेज सहित कुल रू0 7551.853 लाख (पचहत्तर करोड़ इक्यावन लाख पचासी हजार तीन सौ रू॰ मात्र) के व्यय की
नमामि गंगे योजना के तहत बेगुसराय नगर निगम क्षेत्रान्तर्गत आने वाले सभी घरों/प्रतिष्ठानों को सिवरेज प्रणाली से जोड़ा जाना है। बेगूसराय शहर लगभग 751.42hact. क्षेत्र में बसा है। इस योजना के कार्यान्वयन हेतु नगर विकास एवं आवास विभाग के संकल्प ज्ञापांक-2/रा.न.-02/08-757, दिनांक 20.09.2010 द्वारा रू. 65.40 करोड़ परियोजना लागत पर प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करते हुए योजना कार्यान्वयन कार्य बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम लि॰, पटना (बुडको) को सौंपा गया।
भारत सरकार के नमामि गंगे योजनांतर्गत हाजीपुर शहर में Sewerage Network एवं STP कार्य को पूर्ण करने हेतु पुनरिक्षित परियोजना लागत सेंटेज सहित रू॰ 31244.0486 लाख (तीन अरब बारह करोड़ चैवालिस लाख चार हजार आठ सौ साठ रू॰ मात्र) में से केन्द्रांश के रूप में रू0 21363.202 लाख (दो अरब तेरह करोड़ तिरसठ लाख बीस हजार दो सौ रू मात्र) तथा राज्यांष के रूप में सेंटेज सहित कुल रू0 9880.8466 लाख (अन्ठानवे करोड़ अस्सी लाख चैरासी हजार
छः सौ साठ रू॰ मात्र) के व्यय की प्रशासनिक स्वीकृत्ति।