क्या मंत्री, सामान्य प्रशासन विभाग, यह बतलाने कि कृपा करेंगे कि-1. क्या यह बात सही है कि बिहार राज्य में दिव्यागों की संख्या-23 लाख से अधिक है, परन्तु दिव्यागों की देख-रेख, रोजगार, सुरक्षा एवं अन्य सुविधायें प्रदान करवाने हेतु कोई आयोग गठित नहीं है;2. क्या यह बात सही है कि दिव्यागों को अपनी समस्या रखने के लिये कोई विशेष फोरम या आयोग नहीं रहने के कारण न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ता है। साथ ही साथ पढ़े-लिखे मेधावी दिव्यांग छात्रों की मेधा धरी की धरी रह जाती है;3. यदि उपर्युक्त खंडों को उत्तर स्वीकारात्मक हैं तो क्या सरकार बिहार राज्य में दिव्यांग आयोग की गठन कबतक कराने का विचार रखती है , नहीं तो क्यों ?