Science And Technology notificationsबिहार राजपत्र अधिसूचनाएँ
All 56 notifications published in the Bihar Gazette by the Science And Technology, Government of Bihar, since 2015. Browse by year, read the summaries and download the official PDFs.
पृष्ठ पृष्ठ भाग-1-नियुक्ति, पदस्थापन,बदली, शक्ति, छुट्टी और भाग-5-बिहार विधान मंडल में पुर:स्थापित विधेयक, अन्य व्यक्तिगत सूचनाएं। उक्त विधान मंडल में उपस्थापित या भाग-1-क-स्वयंसेवक गुल्मों के समादेष्टाओं के आदेश। उपस्थापित किये जानेवाले प्रवर समितियों के भाग-1-ख–मैट्रीकुलेशन, आई0ए0, आई0एससी0, प्रतिवेदन और उक्त विधान मंडल में पुर:स्थापन बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, के पूर्व प्रकाशित विधेयक।
विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग अंतर्गत वर्तमान में 38 राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय संचालित हैं। इन संस्थानों में सामान्य विधाओं के साथ-साथ नवीनतम एवं उभरते हुए अभियंत्रण पाठ्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है। गुणवत्तापूर्ण अभियंत्रण शिक्षा के साथ ही अकादमिक सत्र को विनियमित किये जाने हेतु विभिन्न प्रकार के निर्णय लिये गये हैं। इसी क्रम में डिग्री स्तरीय अभियंत्रण पाठ्यक्रम के लिए बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय द्वारा विभिन्न विधाओं में पाठ्यक्रमों का अद्यतनीकरण किया गया है एवं इससे संबंधित कार्रवाई नियमित रूप से जारी है। राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालयों में अध्ययनरत्छात्र-छात्राओं के कौशल उन्नयन एवं उन्हें उद्योग की माँग के अनुरूप य
बिहार राज्य अंतर्गत राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालयों एवं राजकीय पोलिटेकनिक संस्थानों के लिए ’’परामर्श नीति‘‘ (Consultancy Policy) की स्वीकृति।
बिहार सरकार के सात निश्चय कार्यक्रम के तहत प्रत्येक जिले में एक अभियंत्रण महाविद्यालय एवं कम से कम एक पोलिटेकनिक संस्थान संचालित है। वर्तमान में विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग अंतर्गत 38 राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय एवं 46 राजकीय पोलिटेकनिक संस्थान कार्यशील है। इन तकनीकी शिक्षा संस्थानों में उच्च स्तर की आधारभूत संरचना, प्रयोगशाला, कर्मशाला, पुस्तकालय एवं अन्य सुविधायें उपलब्ध कराई गई है। राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालयों एवं राजकीय पोलिटेकनिक संस्थानों में परंपरागत विषयों जैसे सिविल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रीकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रोनिक्स एंड कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग, कम्प्यूटर साईंस एण्ड इंजीनियरिंग के अतिरिक्त नवीनतम एवं उभरते हुए तकनीक जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजे
राज्य के सभी राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालयों एवं पोलिटेकनिक संस्थानों में ‘संस्थान विकास सोसाईटी (महाविद्यालय/संस्थान का नाम)‘ का गठन एवं तत्संबंधी स्मृति-पत्र तथा नियमावली की स्वीकृति।
सुशासन के सात निश्चय कार्यक्रम के अन्तर्गत विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, बिहार अन्तर्गत 38 राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय एवं 46 राजकीय पोलिटेकनिक संस्थान कार्यशील हैं। इन संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा सुनिश्चित किये जाने के उद्देश्य से उच्च स्तर की आधारभूत संरचना के साथ-साथ परम्परागत एवं नवीनतम तथा उभरते हुए तकनीक में पाठ्यक्रम आरम्भ किये गये हैं। इन शैक्षणिक संस्थानों में बिहार लोक सेवा आयोग की अनुशंसा के आधार पर योग्य शिक्षकों की नियुक्ति भी की गयी है।
राज्य में तकनीकी शिक्षा के उन्नयन एवं विकास हेतु बिहार अधिनियम 20, 2021 के द्वारा बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय, पटना की स्थापना की गई है। उक्त विश्वविद्यालय के कार्यों के प्रयोजनार्थ प्रारंभिक रूप से विभागीय स्वीकृत्यादेश संख्या-3081 दिनांक-07.12.2021 के द्वारा स्थापना एवं प्रतिबद्ध व्यय बजट के अधीन पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों के कुल-32 पदों का सृजन किया गया है।
विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालयों तथा राजकीय पोलिटेकनिक संस्थानों के भवनों के मरम्मति एवं अनुरक्षण के संबंध में संबंधित प्राचार्य को प्रशासनिक स्वीकृति की शक्ति प्रत्यायोजित करने के संबंध में।
सरकार के सात निश्चय कार्यक्रम के तहत प्रत्येक जिले में एक राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय एवं एक राजकीय पोलिटेकनिक संस्थान संचालित करने का निर्णय लिया गया है। सात निश्चय कार्यक्रम के अनुपालन के पश्चात् वत्तर्मान में विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग अंतर्गत 38 (अड़तीस) राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय एवं 46 (छियालीस) राजकीय पोलिटेकनिक संस्थान संचालित हैं।
बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय अधिनियम, 2021 (बिहार अधिनियम 20, 2021) की धारा 29 की उपधारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए विश्वविद्यालय की सामान्य परिषद् की अनुशंसा पर बिहार सरकार एतद्द्वारा बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय के लिए निम्नवत प्रथम परिनियम बनाती हैः-
बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय अधिनियम, 2021 की धारा 4 (3) के तहत बिहार राज्य अंतर्गत महाविद्यालय अथवा संस्था जो अभियांत्रिकी और प्रौद्योगिकी तथा वास्तुकला एवं योजना कार्यक्रम में शिक्षा प्रदान करते हैं तथा राज्य विधान मंडल के कानून द्वारा स्थापित किसी अन्य विश्वविद्यालय से सम्बद्ध हैं, दिनांक 15.03.2023 के प्रभाव से उक्त विश्वविद्यालय से सम्बद्ध नहीं रह जायेंगे एवं दिनांक 15.03.2023 के प्रभाव से बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय, पटना से सम्बद्ध (Affiliate) समझे जायेंगे।
विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग की अधिसूचना संख्या-वि॰प्रा॰ (II) विविध-01/2023-900, दिनांक 03.03.2023 की कंडिका-2 की चैथी पंक्ति में अंकित ’’सम्बद्ध (Affliate)‘‘ के स्थान पर ’’सम्बद्ध (Affiliate)‘‘ समझा जाए।
बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय अधिनियम, 2021 के प्रावधान के तहत विभागीय अधिसूचना संख्या-2265, दिनांक 27.07.2022 के द्वारा बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय की स्थापना की गयी है।
तारामंडल-सह-ज्ञान एवं विज्ञान संग्रहालय, दरभंगा के लिए सृजित पदों को बिहार काउन्सिल आॅन साइंस एण्ड टेक्नोलॉजी, पटना को हस्तान्तरित करते हुए इसका संचालन एवं अनुश्रवण बिहार काउन्सिल आॅन साइंस एण्ड टेक्नोलॉजी, पटना द्वारा किये जाने की स्वीकृति के संबंध में।
वित्तीय वर्ष 2014-15 में विभागीय स्वीकृत्यादेश संख्या-2538, दिनांक-05.11.2014 के द्वारा राजकीय पोलिटेकनिक, दरभंगा के परिसर में उपलब्ध 3 (तीन) एकड़ भूमि पर दरभंगा में तारामंडल-सह-ज्ञान एवं विज्ञान संग्रहालय, दरभंगा की स्थापना की स्वीकृति तथा उसके निर्माण एवं विकास कार्य हेतु कुल रू॰ 164.31 करोड़ (एक सौ चैंसठ करोड़ इकतीस लाख रूपये) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है।
विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग के अंतर्गत राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय एवं राजकीय पोलिटेकनिक/राजकीय महिला पोलिटेकनिक संस्थानों के संकाय शिक्षकों को गुणवत्ता सुधार कार्यक्रम (Q.I.P.) के अंतर्गत क्रमशः पीएच॰डी॰ एवं एम॰टेक॰ में नामांकन लिये जाने हेतु निम्नांकित प्रावधान किया जाता है ः-
तारामंडल-सह-विज्ञान संग्रहालय, दरभंगा का नाम ’तारामंडल-सह-ज्ञान एवं विज्ञान संग्रहालय, दरभंगा‘ रखे जाने के संबंध में।
राज्य सरकार के निर्णयोंपरांत वित्तीय वर्ष 2014-15 में स्वीकृत्यादेश संख्या-2538, दिनांक- 05.11.2014 के द्वारा राजकीय पोलिटेकनिक, दरभंगा के परिसर में तारामंडल-सह-विज्ञान संग्रहालय, दरभंगा की स्थापना की स्वीकृति प्रदान की गई थी।
सब रीजनल साइंस सेन्टर, गया के परिसम्पत्तियों को सृजित पदों सहित बिहार काउन्सिल आॅन साइंस एण्ड टेक्नोलॉजी, पटना को हस्तानान्तरित करते हुए इसका संचालन एवं अनुश्रवण बिहार काउन्सिल आॅन साइंस एण्ड टेक्नोलॉजी, पटना द्वारा किये जाने की स्वीकृति के संबंध में। नेशनल काउन्सिल आॅफ साइंस म्यूजियम (National Council of Science Museums) के पत्रांक-10085, दिनांक 28.09.2013 के द्वारा संस्कृति मंत्रालय (Ministry of Culture) द्वारा रू॰ 5.00 करोड़
(पांच करोड़ रूपये) मात्र की लागत से गया में सब-रीजनल साईंस सेन्टर की स्थापना की सशर्त्त स्वीकृति दी गई जिसके लिए केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा 50ः50 के अनुपात में व्यय का वहन किया जाना प्रस्तावित है।
उद्योग विभाग, बिहार सरकार के अधीन स्थापित बिहार रेशम एवं वस्त्र संस्थान, भागलपुर को टेक्सटाइल एवं अन्य अभियंत्रण शाखा में डिप्लोमा स्तरीय पाठ्यक्रम के लिए राजकीय पोलिटेकनिक (टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी), भागलपुर के रूप में संचालित करने एवं इस हेतु बिहार रेशम एवं वस्त्र संस्थान, भागलपुर के अधीन कुल 7.12 एकड़ (सात एकड़ बारह डेसीमल) भूखण्ड एवं उसपर निर्मित भवन सहित अन्य परिसम्पत्तियाँ, विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग, बिहार सरकार
बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय अधिनियम, 2021 की धारा 3 (1) एवं 3 (3) के प्रावधानों के आलोक में बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय को राजपत्र में इस अधिसूचना के निर्गत होने की तिथि से स्थापित किया जाता है। उक्त विश्वविद्यालय का मुख्यालय पटना, बिहार विनिर्दिष्ट किया जाता है।
विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग के अधीन संचालित राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालयों में पूर्व से कार्यरत, नवनियुक्त एव नियुक्त होने वाले शिक्षकों को क्षमता निर्माण तथा नये उभरते तकनीक की जानकारी के लिए प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान पटना तथा राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान पटना को नामित करने के संबंध में।
शैक्षणिक संस्थान की गुणवत्ता मुख्यतः कार्यरत शिक्षकों की दक्षता पर निर्भर है। इस हेतु आवश्यक है कि शिक्षकों को पठन-पाठन विधि (आॅफ/आॅन लाइन) तथा तेजी से बदल रहे तकनीकी एवं उद्योग मांग के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान किया जाय। इसका प्रत्यक्ष लाभ छात्रों के नियोजन पर पड़ेगा तथा संस्थान के शैक्षणिक परिदृश्य में सकारात्मक परिवर्त्तन होगा।
विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभागान्तर्गत सात अभियंत्रण महाविद्यालय में मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा कार्यान्वित विश्वबैंक सम्पोषित परिय¨जना ’’तकनीकी शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन कार्यक्रम-तृतीय चरण (Technical Education Quality Improvement Programme-Phase-III) के अन्तर्गत राष्ट्रीय परिय¨जना कार्यान्वयन एकक (NPIU) द्वारा चयनित एवं अस्थायी ईंगेजमेंट के रूप में नियोजित सहायक प्राध्यापकों की सेवा को प्राप्त करने के लिए राज्य योजना के अधीन परिय¨जना अवधि विस्तार की
तिथि 31.03.2022 के पश्चात् पूर्व से जारी शर्त्त के अधीन दिनांक 01.04.2022 से 31.03.2023 तक अथवा अभियंत्रण महाविद्यालयों के लिए सहायक प्राध्यापक के रिक्त पदों पर नियमित नियुकि्त होने तक, जो भी पहले हो, राज्य य¨जना के अधीन परिय¨जना का अवधि विस्तार की स्वीकृति ।
बिहार लोक सेवा आयोग, पटना द्वारा विज्ञापित विज्ञापन संख्या 58/2020 के आलोक में आय ेाग के पत्रांक 72 दिनांक 19.01.2022 द्वारा की गई अनुशंसा के आधार पर विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग, बिहार, पटना के अधीन राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालयों में निम्नांकित अभ्यर्थी को वेतनमान लेवल-13 ए1 एवं समय-समय पर राज्य सरकार द्वारा अनुमान्य भत्तों के साथ बिहार अभियंत्रण शिक्षा सेवा के अधीन सह-प्राध्यापक (गणित) के पद पर अस्थायी रूप से नियुक्त करते हुए उनके नाम के सम्मुख स्तम्भ-7 में अंकित संस्थान में अगले आदेश तक के लिए पदस्थापित किया जाता है ः-
बिहार लोक सेवा आयोग, पटना द्वारा विज्ञापित विज्ञापन संख्या 16/2020 के आलोक में आय ेाग के पत्रांक 73 दिनांक 19.01.2022 द्वारा की गई अनुशंसा के आधार पर विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग, बिहार, पटना के अधीन राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालयों में निम्नांकित अभ्यर्थी को वेतनमान लेवल-14 एवं समय-समय पर राज्य सरकार द्वारा अनुमान्य भत्तों के साथ बिहार अभियंत्रण शिक्षा सेवा के अधीन प्राध्यापक (रसायन) के पद पर अस्थायी रूप से नियुक्त करते हुए उनके नाम के सम्मुख स्तम्भ-7 में अंकित संस्थान में अगले आदेश तक के लिए पदस्थापित किया जाता है ः-